मुझे वो सलाम करते हैं जिन्हें तुम सलाम करते हो!
जब मैं खुद अपनी किस्मत हूँ और खुद अपनी हुकूमत।
️ हमारे जैसे लोग मिलते नहीं, बनाए जाते हैं…!
➡सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं
इसी बात से मेरी शोहरत का अंदाज़ा लगा लेना
बाप के दौलत पर घमंड कर के क्या मजा, मजा तो तब है जब दौलत अपनी हो और फक्र बाप करें.. !
वरना मेरे शौक आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं।
इसलिए हमने दिल को छोड़ा और सब कुछ तोड़ा।
फिर दोस्ती के वो पुराने दिन लौटकर नहीं आते।
लौट कर आया हूँ हिसाब करके जाऊंगा, हर एक को उनकी औकात _दिखा कर जाऊंगा !!
मैं उन्ही के लिए हूं जो जाने कद्र मेरी..!!
हम आज भी अपने हुनर में दम रखते हैं, छा जाते हैं रंग जब हम महफिल में कदम रखते हैं… !
जिनके मिज़ाज दुनियाँ से अलग Attitude Shayari होते है, महफ़िलों मैं चर्चे उन्ही के ग़जब होते है।
अपनी हस्ती का एहसास हमें तब हुआ, जब दुश्मन भी हमारा नाम लेकर जलते थे…!